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Wednesday, March 2, 2016

Dry Fruits के स्वास्थ्य लाभ,Healthy Eating Tips,Health Benefits of Dry Fruits

 

Dry Fruits के स्वास्थ्य लाभ Health Benefits of Dry Fruits,Healthy Eating Tips,
  • अखरोट की रचना सिर की तरह होती है तथा उसके अंदर भरा हुआ गूदा मस्तिष्क की तरह होता है। यही गूदा पर्याप्त मात्रा में नियमित सेवन करने से सिर संबंधी समस्याओं पर कंट्रोल होता है तथा मस्तिष्क की कार्य क्षमता एवं क्रिया प्रणाली में पॉजीटिव प्रभाव नजर आने लगता है।
  • पिस्ता आँख की भाँति दिखाई देता है। पिस्ते के अंदर का खाया जाने वाला हरे रंग का हिस्सा आँख के लिए परम लाभदायक होता है, इसलिए नेत्रों के लिए परम लाभदायक होता है। नेत्र लाभ के लिए कुछ मात्रा में पिस्ते का सेवन हमें करना चाहिए या यूँ कहें कि नेत्र रोगों के इलाज में पिस्ता आपकी सहायता कर सकता है।
  • काजू में मैग्नीशियम पाया जाता हैं जो रक्तचाप कम करने में और दिल के दौरे को रोकने में मदद करता है।काजू एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं जो हृदय रोग और कैंसर से बचाता हैं।काजू खाने से शरीर की हड्डियाँ मजबूत होती हैं काजू में कॉपर अधिक मात्रा में पाया जाता हैं जो शरीर के हड्डियों और जोड़ो को लचीला बनाने में मदद करता हैं और त्वचा और बालों को रंग प्रदान करता हैं। काजू में वसा अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं। फिर भी ये वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं|
  • किशमिश या अंगूर की रचना पित्ताशय (गाल ब्लैडर) से बहुत कुछ 'मैच' करती है, इसीलिए पित्ताशय को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए किशमिश या अंगूर का सेवन लाभदायक हो सकता है।
  • बादाम का आकार जहाँ एक ओर नेत्रों की तरह होता है, वहीं दूसरी ओर उसकी समानता मस्तिष्क से भी की जा सकती है। बादाम का नियमित सेवन नेत्र तथा मस्तिष्क दोनों ही के लिए परम प्रभावी होता है।
  • अनार के दानों का रंग रक्त के समान होने से अनारदानों का रस रक्त शोधक (खून की सफाई करने वाला) एवं रक्तर्द्धक (खून बढ़ाने वाला) होता है।
  • सेवफल का आकार और रंग भी बहुत कुछ हृदय के समान होता है, इसलिए सेवफल का नियमित सेवन हृदय के लिए विशेष लाभदायक होता है।
  •  गिलकी या घिया और तोरई आँत के एक भाग की तरह दिखाई देती है, इसलिए आँत की क्रिया प्रणाली को व्यवस्थित करने में इसका जवाब नहीं इनमें 'रफेज' की मात्रा भी बहुत है।
  • लम्बी-पतली ककड़ी तो मानो आँत ही हो। इसका सेवन कब्ज दूर करता है और आँत क्रिया प्रणाली को नियमित करता है। ऐसे अनेक प्राकृतिक संकेत या संदेश वनस्पतिज पदार्थों में छिपे हुए हैं, जिनको समझकर स्वास्थ्य लाभ उठाया जा सकता है।
  • छुहारा पुरुषों की कमजोरी दूर करता है अगर आप कमजोरी या नपुंसकता से परेशान हैं तो तीन महीने तक छुहारे का सेवन आपको समस्या से मुक्ति दिला देगा। इसे रोज सुबह खाली पेट खाएं। पहले सप्ताह एक छुहारा व दूसरे सप्ताह से दो सप्ताह तक दो छुआरा खूब चबा-चबाकर खाएं। तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे खाएं और चौथे सप्ताह से 12वें सप्ताह तक चार-चार छुहारों का रोज सेवन करें। इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
  • छुहारे का नियमित सेवन करने से दिल से संबंधित रोग नहीं होते हैं। साथ ही इसे खाने से खून की कमी की समस्या दूर होती है।
  • छुहारे बहुत अल्प मात्रा में फेट व कोलेस्ट्रॉल से युक्त होने के कारण मोटे व्यक्तियों सहित रक्तचाप पीडि़त रोगियों के लिए भी सुरक्षित होते है। नियमित दो या चार छुहारे का सेवन कब्ज की समस्या को दूर करता है।
  • सर्दियों में छुहारे का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से आमाशय को बल मिलता है।

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