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Friday, January 22, 2016

आयुर्वेदिक दवाइयाँ और उनका उपयोग

1. चंद्रप्रभा वटी 

यह मूत्र रोगों पर और यौन रोगों पर विशेष असर दिखाती है.
बार बार पेशाब को जाना, पेशाब में शक्कर का जाना,
स्त्री को सफ़ेद पानी का जाना, मासिक धर्म की अनियमितताए,
पुरुषो को पेशाब में धातु जाने की समस्या,
पेशाब में जलन होना ऐसे अनेक विकारो पर यह दवा काम करती है.

यह स्नायु और हड्डी को भी मजबूती प्रदान करती है. इसलिए इसका प्रयोग कमजोरी में भी करते है.

इसकी १-१ गोली सुबह शाम नाश्ते या भोजन के बाद पानीसे ले. इसे शहद से या दूध से भी ले सकते है. गोली को दात से तोड़े फिर निगले या पहले ही तोड़कर फिर निगले.
2. योगराज गुग्गुलु

इस दवा का प्रयोग स्नायुओ को मजबूती प्रदान करता है. बुढ़ापे की व्याधियो जैसे पैर की पिंडलियों में दर्द होना, घुटनों में दर्द होना वगैराह उसमे यह दवा अच्छा असर दिखाती है.
इसकी १-१ गोली सुबह शाम नाश्ते या भोजन के बाद पानीसे ले. इसे शहद से या दूध से भी ले सकते है. गोली को दात से तोड़े फिर निगले या पहले ही तोड़कर फिर निगले.

3. त्रयोदशांग गुग्गुलु 

यह वात विकारो की एक जबरदस्त दवा है. इसके प्रयोग से लकवे (पक्षाघात) में अद्भुत लाभ होता है. लकवा होने के बाद जितने जल्दी इसे प्रयोग में लाया जायेगा लाभ उतना ही जल्द होंगा. यदि लकवा होने के बाद बहोत समय बीत गया है तो एक लम्बे काल के लिए इस दवा का नियमित सेवन करना होगा.सर्वाइकल स्पोंडीलायटिस में भी यह अच्छा काम करती है.

इसकी १-१ गोली सुबह शाम नाश्ते या भोजन के बाद पानीसे ले. इसे शहद से या दूध से भी ले सकते है. गोली को दात से तोड़े फिर निगले या पहले ही तोड़कर फिर निगले.

4. सितोपलादी चूर्ण
यह खासी की एक जबरदस्त दवा है. सूखी खासी पर इसे जादू की तरह काम करते हुए देखा गया है. एक चौथाई चम्मच चूर्ण शहद के साथ एक दिन में ३-४ बार ले सकते है.

5. हरिद्रा खंड

यह खुजली की एक जबरदस्त दवा है. शीत पित्त में भी इसे किसी जादू की तरह काम करते हुए देखा है. इसे आधा चम्मच रोजाना पानीसे तीन बार ले सकते है.

यह दवा किसी आयुर्वेदिक स्टोर से भी खरीद सकते है 

NOTE-किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें

Thursday, January 21, 2016

कामदेव घृत,Kamdev Ghrita in Hindi,

कामदेव घृत एक आयुर्वेदिक घृत या घी है। यह घी पुरुषों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। इसके सेवन से शरीर में ताकत आती है। यह वाजीकारक है और यौन इच्छा को बढ़ाता है। इसका नियमित सेवन नाड़ियों की कमजोरी के कारण होने वाली नपुंसकता को दूर करता है। यह घी, स्पर्म संख्या की बढ़ोतरी में भी

सहयोग करता है। इसी प्रकार महिलाओं द्वारा इसका सेवन फर्टिलिटी को बढ़ाता है। यह घी पौष्टिक होने के साथ-साथ शरीर के भीतर की रूक्षता को दूर करता है और कब्ज़ से राहत देता है। यह पाचक और बस्ती को शुद्ध करता है। यह धातुक्षीणता को दूर करता है और शरीर को सबल बनता है। यह वज़न को बढ़ाता है और शरीर में शक्ति और कांति देता है।

कामदेव घृत के घटक 
  • अश्वगंधा, गोखरू, बरियार, गिलोय, सरिबन, विदारीकन्द, शतावर, सोंठ, गदहपूर्ण, पीपल की कोपल, गंभारी के फूल, कमलगट्टा, उडद, गाय का घी, गन्ने का रस, मेदा, महामेदा, जीवक, ऋषभक, काकोली, क्षीरकाकोली, ऋद्धि, वृद्धि कूठ, पद्माख, लाल चन्दन, तेजपात, छोटी पीपल, मुनक्का, केवांच बीज, नील कमल, नागकेशर, अनन्तमूल, बरियार, मिश्री

कामदेव घृत के लाभ

  • इसके सेवन से नसों की कमजोरी के कारण होने वाली नपुंसकता दूर होती है।
  • यह कम वज़न या दुबलेपन की समस्या को दूर करता है।  यह अत्यंत पौष्टिक है।
  • यह स्निग्ध है और आन्तरिक रूक्षता दूर करता है।
  • यह वज़न, कान्ति, और पाचन को बढ़ाता है।
  • यह कब्ज़ से राहत देता है।
  • यह दिमाग, नसों, मांस, आँखों, मलाशय आदि को शक्ति प्रदान करता है।
  • यह धातुओं को पुष्ट करता है।
  • यह पित्त विकार को दूर करता है।

कामदेव घृत के चिकित्सीय उपयोग 

कामदेव घी, पौष्टिक, बलवर्धक, रसायन है। यह उत्तम वाजीकारक है और यौन क्षमता में सुधार लाता है। यह शरीर में बढ़े पित्त को भी कम करता है। कमजोरी, कम वज़न, यौन इच्छा की कमी नसों की कमजोरी, नपुंसकता रक्त पित्त, वातरक्त वीर्य क्षय खून की कमी मूत्रकृच्छ पसली में दर्द

सेवन विधि और मात्रा

  • 6-12 gram दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • घी को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर लें।
  • इसे दूध अथवा गर्म पानी के साथ लें। या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।


कृपया ध्यान दें, आयुर्वेदिक दवाओं की सटीक खुराक आयु, ताकत, पाचन शक्ति का रोगी, बीमारी और व्यक्तिगत दवाओं के गुणों की प्रकृति पर निर्भर करता है।

मोटापा, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल में एहतियात के साथ इस दवा का उपयोग करना चाहिए।

यह दवा किसी आयुर्वेदिक स्टोर से भी खरीद सकते है 

NOTE-किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें

Wednesday, January 20, 2016

आयुर्वेदिक दवाइयाँ ,आयुर्वेदिक औषधियां के नाम,

यह दवा किसी आयुर्वेदिक स्टोर से भी खरीद सकते है 

NOTE-किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें
क्र. नाम उपयोग खुराक कितने दिनों तक
आंनद - भैरव रस तीन दोषों को शांत करता है, दस्त रोकता है १ गोली २ दिन
आरोग्य - वर्धिनी पाचक, भूख बढ़ाने वाला, लिवर का टॉनिक २५० मि.ग्रा. की २ गोली १-२ हफ्ते २ दिन
आर्शोघन वटी बवासीर २ गोली २ दिन; २ हफ्ते
आविपात्तिकर चूर्ण अम्लता ०.५ ग्राम २ दिन ; जैसी ज़रूरत हो
आमला चूर्ण वटी अम्लता, भूख बढ़ाने के लिए, पाचक ०.५ ग्राम २ दिन
अर्जुन वटी दिल को मजबूत करने के लिए ०.५ ग्राम २ दिन
बला तेल योनिशोथ में लगाने के लिए और मालिश के लिए
बाल - चतुर - भद्र बच्चों में खॉंसी, जुकाम, बुखार ०.५ ग्राम २ दिन
गंधर्व हरितकी चूर्ण विरेचक ०.५ ग्राम सोने से पहले
१० चंद्र प्रभा वटी
११ डाबुराहर लेप त्वचा पर फंफूद की छूत के लिए
१२ एकांगा - वीर वात की बीमारियों के लिए १ गोली २ दिन
१३ गैरिक घी मुँह में छालों के लिए छालों पर लगाएं
१४ गंधर्व - हरितकी विरेचक ०.५ ग्राम सोने से पहले
१५ हींगुआ - आष्टक चूर्ण प्रति आध्मान, पाचक ०.५ ग्राम खाना खाते समय
१६ इरिमेदादी थैला दांत के दर्द और मुँह में छालों के लिए छालों पर लगाएं
१७ कांचनार गुगुल सूजन और ग्रंथी में उपयोगी ०.५ ग्राम २ दिन
१८ खादिरादी वटी मुँह में छाले होने पर १ गोली दिन (चबाएं)
१९ कृमि कुठार कीड़े मार देता है
२० कुमारी आसव पाचक और लिवर का टॉनिक १० से २० मिली लीटर २ दिन
२१ कुरंज -घन वटी / अरिष्ठा / आवलेहा पेचिश १ गोली २ दिन 
१० से २० मिली लीटर २ दिन
२२ लवणभास्कर चूर्ण आधमान, अपचन ०.५ ग्राम २ दिन
२३ लवंगादी वटी खॉंसी और जुकाम १ गोली २ दिन
२४ महा - मरिचयादी थैला पामा, शीतपित्त या पित्त बाह्य उपयोग के लिए
२५ महा - योगाराज गुगुल जोड़ों के दर्द और गठिया के लिए २ गोली
२६ नागकेशर वटी खून बहने की प्रवृति ०.५ ग्राम २ दिन
२७ नवायास चूर्ण अनीमिया ०.५ ग्राम २ दिन
२८ परवल भस्म अम्लता १२५ मिलीग्राम २ दिन
२९ पुनर्नवा - मंडूर / पुनर्नवा - आसव प्रतिशोथ, खून का टॉनिक, द्रवीय एडीमा १ गोली २ दिन
३० राला मल्हम तलवों के फटने पर
३१ सहाचर थैला वात बीमारियों के लिए लगाएं
३२ राज: - प्रवर्तीनी कृच्छार्तव १ गोली २ दिन
३३ संशमनी वटी चिरकारी बुखार २ गोली २ दिन
३४ स्वास - कुठार दमा, खासकर कफ वाला ०.५ ग्राम २ दिन
३५ सुधा गुगुल वटी जोड़ों के दर्द, वात बीमारियों के लिए २ गोली २ दिन
३६ सुदर्शन घन वटी मलेरिया और अन्य बुखार २ गोली २ दिन
३७ सूथ शेखर अम्लता, पेट में जलन १ गोली २ दिन
३८ तिक्तक घी पेट साफ करने के लिए और त्वचा के रोगों के लिए १ चम्मच २ दिन
३९ त्रिभुवन - कीर्ति बुखार, जुकाम १ गोली २ दिन
४० त्रिकटू चूर्ण खॉंसी और जुकाम खॉंसी, जुकाम १ गोली २ दिन
४१ वसा आवालेहा खॉंसी की तकलीफ ५ ग्राम २ दिन
४२ विडंगारिष्ट कीड़ों के लिए १० मिली लीटर २ दिन
४३ वोमिताब मिचली और उल्टी १ गोली
२ दिन




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