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Wednesday, April 13, 2016

पति को खुश रखने के तरीके, Relationship tips Between Husband and wife in Hindi,

पति को खुश रखने के तरीके, Relationship tips Between Husband and wife in Hindi,

How to Improve Relationship with Husband,

क्या दांपत्य जीवन में सेक्स सबसे ज्यादा अहम है ? या फिर इसे लेकर कुछ ज्यादा ही सोचा जा रहा है इसका जवाब यह है कि सेक्स का महत्व तो यकीनन है, लेकिन इसके इतर भी कई अन्य बातें हैं जो रिश्ते को मजबूत बनाती हैं। एक्सप‌र्ट्स मानते हैं कि दांपत्य की सफलता महज इससे तय नहीं हो सकती कि कपल की सेक्स लाइफ शानदार है। शोध यह भी बताते हैं कि दांपत्य में सेक्स की रेटिंग की जाए तो यह 10 में से 6 की ही है। शादी बेहद जटिल संबंध है। सर्वेक्षणों में पाया गया है कि जो कपल्स निरंतर संवाद में रहते हैं, रोजमर्रा के जीवन में एक-दूसरे के प्रति स्नेह भरे स्पर्श को महत्व देते हैं, उनके संबंधों में अधिक भरोसा, सुरक्षा और भावनात्मक जुडाव रहता है। कई दंपती तो यहां तक मानते हैं कि सफल विवाह में स्पर्श का महत्व सर्वाधिक है
    • सुबह पार्टनर के माथे पर होठों का प्यारा स्पर्श देते हुए गुड मॉर्निग कह कर देखें। दोनों की सुबह अच्छी हो जाएगी।
    • घर से बाहर निकलते हुए दरवाजे पर एक विदा किस साथी को दुनिया का सामना करने का हौसला दे सकती है।
    • शाम को घर लौटते हुए मुस्कराते चेहरे के साथ साथी को एक टाइट हग दें। दिन भर की उसकी थकान मिट जाएगी। डिनर के दौरान रोमैंटिक भाव-भंगिमाएं भी एक मजेदार संवाद हो सकता है।
    • टीवी देखते हुए, म्यूजिक सुनते हुए या शाम की कॉफी पीते हुए हल्‍का-फुल्‍का स्पर्श प्यार की गर्माहट को बनाए रखता है।
    • सोने से पहले गुड नाइट किस, बालों में उंगलियां फिराना, हथेलियों-पैरों का स्पर्श और नींद में कपल्स की पॉजिशन बताती है कि उनका आपसी प्रेम कितना गहरा है।
    • किचन में काम करते साथी के कंधे थपथपा देना, उसका पसीना पोछना या खाने की तारीफ करते हुए उसके हाथों को चूम लेना ये छोटी-छोटी बातें और सराहनाएं रिश्ते में सेक्स से ज्यादा कारगर हैं। स्पर्श करें और स्वस्थ रहें
    • एक-दूसरे के साथ एक्सरसाइज करने, साथी को व्यायाम सिखाने, साथ-साथ स्विमिंग, सायक्लिंग, डांस करने या फिर पार्टनर योगा करने से मन भी स्वस्थ रहेगा और शरीर भी। संडे या किसी भी छुट्टी के दिन एक-दूसरे का हाथ पकड कर लेटे रहें, बातें करें या घूमने निकल जाएं। हाथों का यह स्पर्श देर तक दिल को उत्साहित रखेगा और शादी में दोस्ती जैसा खुलापन भी पैदा करेगा। आलिंगन या टाइट हग करें
    • इस स्पर्श में सेक्स की गर्माहट भी है और स्नेह की बारिश भी। जिस तरह बच्चे को मां की बाहें सुकून और सुरक्षा का एहसास दिलाती हैं, उसी तरह आलिंगन कपल्स को सुरक्षित होने का एहसास दिलाता है। एक्सप‌र्ट्स मानते हैं कि स्पर्श पार्टनर को कई कार्डियोवेस्कुलर समस्याओं से बचा सकता है। एक टाइट हग या किस शरीर में कार्टिसोल हॉर्मोन का स्तर कम करता है, जो स्ट्रेस के लिए जिम्मेदार है। साथ ही यह ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन में वृद्धि करता है, जो खुशी प्रदान करने वाला हॉर्मोन है। दबाव कम होगा तो दिल से जुडी समस्याएं भी कम होंगी।
    • स्पर्श में बिना कुछ कहे-सुने भी एक-दूसरे की बात सुनी-समझी जा सकती है। नॉनसेक्सुअल स्पर्श भावनाओं को बेहतरीन ढंग से संप्रेषित करता है। पार्टनर के कंधे पर स्नेह भरा हाथ जताता है कि साथी उससे प्यार करता है, उसकी केयर करता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैंडियागो (यूएस) के अनुसार स्पर्श से कपल्स के बीच एक अलग तरह की बॉंडिंग पैदा होती है। इससे रिश्ते में भरोसा पैदा होता है, जो मजबूत संबंध की नींव है।
    • स्पर्श से व्यक्ति को अपनी उपयोगिता और साथी की चाहत का अनुभव होता है। साथी की बांह पकडना, उसके कंधे पर हाथ रखना, उसके गाल थपथपा देना जैसी क्रियाएं रोजमर्रा के व्यवहार में नजदीकी बढाती हैं और भागदौड भरी जिंदगी में तनाव से दूर करने में सहायक हैं।
    • गर्दन, पीठ, कंधे की मसाज भी दंपती के बीच प्रेम-भावना को बढ़ाती है। सेक्स क्रिया से पहले रोमैंटिक मसाज फोरप्ले की भूमिका भी अदा करती है। हाथ मिलाने जैसे शिष्टाचार से जुडे कुछ स्पर्श भले ही कॉर्पोरेट कल्चर का हिस्सा हों, लेकिन दांपत्य में भी इनका महत्व है।
    • इससे एक-दूसरे के प्रति सम्मान-भावना पैदा होती है तो दूसरी ओर इससे पर्सनल स्पेस का एहसास भी होता है। मैरिज काउंसलर्स और सेक्सप‌र्ट्स का मानना है कि ज्यादातर सेक्स समस्याओं में स्पर्श की कमी एक बडा कारण है।
    • फोरप्ले या स्पर्श के बिना बनाए गए सेक्स संबंध पीडादायक होते हैं, साथ ही इनमें कई बार पार्टनर की भावनाएं भी आहत हो सकती हैं।

      पति-पत्नी के रिश्ते,Good Relationship Tips Between Husband and Wife,

      Good Relationship Tips Between Husband and Wife, 
      सेक्स एक खूबसूरत अहसास हो सकता है बशर्ते इसे तरीके से किया जाए। एक्सपर्ट्स कहते हैं इससे कई बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। सेक्स आपके लिए एक आकर्षक अहसास बनें इसलिए जरूरी है कुछ गोल्डन tips खास आपके लिए
      • दिन के समय कभी भी सेक्स न करें, सेक्स हमेशा रात में ही करना चाहिए वह भी सिर्फ एक बार। हो सके तो इसमें भी 'गैप' दें।
      • सेक्स के लिए उचित समय और उचित स्थान का चयन करें। ऐसे स्थान का चयन करें जो दोनों सेक्स पार्टनर को आनंद की अनुभूति कराए।
      • सेक्स संबंध बनाने में कोई जल्दबाजी न करें। साथ ही इस समय मन में किसी तरह का भय, चिंता, घबराहट नहीं होना चाहिए।
      • संभोग की प्रक्रिया के पहले अपने पार्टनर को उत्तेजित करने में अधिक समय लगाएं। यदि इस दौरान इरेक्शन हो जाए तो भी चिंतित न हों। सेक्स करने में जल्दबाजी बिलकुल न करें। याद रखें एक स्त्री को उत्तेजित होने में पुरुष से ज्यादा समय लगता है।
      • संभोग की प्रक्रिया शुरू करने के बाद बीच-बीच में रुकें और फिर शुरू करें। रुकने के दौरान अपने पार्टनर का चुंबन करें और उसके नाजुक अंगों को सहलाएं।
      • यदि आपको डायविटीज की समस्या है तो उसे कंट्रोल करें साथ ही अल्कोहल का कम से कम सेवन करें। याद रहे अल्कोहल का ज्यादा सेवन आपकी सेक्स लाइफ के लिए नुकसानदायक है।
      • अपने पार्टनर से देर तक बातचीत करें और फोरप्ले पर भी ध्यान दें उसे उत्तेजित करें।
      • योग की अश्विनी मुद्रा का अभ्यास करें। इससे आप सेक्स का समय बढ़ा सकते हैं। वज्रोली मुद्रा से भी सेक्स समय को बढ़ाया जा सकता है।सूर्योदय के कुछ समय पूर्व से लेकर सूर्योदय के बाद यानी ब्रह्य मुहूर्त में किया गया सेक्स हेल्थ की दृष्टि से हानिकारक है।
      • जो लोग शाम सात बजे तक भोजन कर लेते हैं, उनको छोड़कर शेष लोगों को जो कि भोजन रात्रि 10-11 बजे तक करते हैं, सेक्स आधी रात के बाद करना हितकारी है।
      • सोने के ठीक पहले दूध न पिएं, यदि दूध लेना ही है तो सोने के एक घंटा पूर्व लें।
      • स्त्री का जिस समय मासिक धर्म चल रहा हो, तब उसके साथ सेक्स न करें। इन चार दिनों में कंडोम वगैरह लगाकर भी नहीं। ऐसा करना कई तरह के रोगों को दावत देना है। इस तरह का सेक्स किसी भी सूरत में उचित नहीं, इससे दूर ही रहें।
      • जो लोग शाम सात बजे तक भोजन कर लेते हैं, उनको छोड़कर शेष लोगों को जो कि भोजन रात्रि 10-11 बजे तक करते हैं, सहवास आधी रात के बाद करना हितकारी है।
      • कई व्यक्ति सहवास को महज एक औपचारिकता के तौर पर लेते हैं और इस कार्य को केवल वीर्य स्खलन मानते हुए जल्द खत्म कर देते हैं।
      • दरअसल सहवास में जल्दबाजी न तो पुरुष को ही आनंद देने वाली होती है और न ही स्त्री की संतुष्टि। लिहाजा सहवास के पूर्व विभिन्न क्रिया-कलाप एवं रसपूर्ण रोमांटिक बातों से स्त्री के 'काम' या सेक्स को पूर्ण जागृत करें, तभी सहवास का सच्चा आनंद आप पा सकते हैं और सहयोगी को पूर्ण संतुष्टि भी दे सकते हैं।
      • कई व्यक्ति सहवास को इस हद तक जरूरी मानते हैं कि भले ही उनका पार्टनर ठंडा पड़ा हो या वह अन्य किसी कठिन परिस्थिति से गुजर रहा हो, वे सहवास करते ही हैं।
      • यदि पति-पत्नी में से कोई भी क्रोध, चिंता, दुःख, अविश्वास आदि किसी भी मानसिक समस्या से गुजर रहा हो, तो सहवास करना उचित नहीं है। यानी सहवास उसी समय परम आनंददायक होता है, जब पति-पत्नी दोनों पूर्ण प्रसन्न चित्त हों।

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