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Thursday, March 24, 2016

आहार योजना,Diet Programs,Diet Plans,Weight Loss programs,low carb diet

Diet Programs,Diet Plans,Weight Loss programs

  • ग्रीन टी जरूर पिये

आप चाय पीने के बहुत शौकीन हैं, तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी, लेमन टी या फिर ब्लैक टी पिये।

  • सैर करें फिट रहे

कमर और पेट के आसपास की चर्बी को दूर करने के लिए रोजाना सुबह सैर पर जाएं और रात के खाने के बाद भी सैर करना ना भूलें। इससे पेट और कमर की अतिरिक्त कैलोरी कम करने में मदद मिलेगी। क्‍योंकि नियमित रूप से सैर पर जाने से 25 फीसदी कैलोरीज बर्न होती है। पेट जल्दी कम करना है तो तीस मिनट के वॉक सेशन रखें। स्पीड से चलें। लगातार स्पीड से ना चल सके तो बीच में इंटरवल लें। थोड़ी देर तेजी से चलें और फिर स्पीड कम कर लें।

  • सप्ताह में एक दिन उपवास करें

यदि आप खाने-पीने के बहुत शौकीन हैं और अपनी इस आदत से भी परेशान हैं, तो इसका सबसे आसान तरीका ये है कि आप सप्ताह में कम से कम एक बार उपवास जरूर करें। आप चाहें तो सप्ताह में एक दिन तरल पदार्थों पर भी रह सकते हैं, जैसे- पानी, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप इत्यादि या किसी दिन सिर्फ सलाद या फल भी ले सकते हैं।

  • शहद है फायदेमंद

शहद के कई गुण है। यह मोटापा कम करने में भी कारगर है। रोजाना सुबह पानी के साथ शहद का सेवन करें। इससे जल्द ही कमर और पेट को कम करने में मदद मिलेगी।

  • खान-पान संतुलित रखें

यदि आप जंकफूड खूब खाते हैं या फिर आपको तला खाना बहुत पसंद है तो जनाब अब इनसे परहेज करना शुरू कर दें। खाने में खासतौर पर सामान्य आटे के बजाय जौ और चने के आटे को मिलाकर चपाती खांए, इससे आप जल्द ही स्लिम ट्रि‍म होंगे। रोजाना कुछ ग्राम बादाम खाने से कमर की साइज 24 सप्ताह में साढ़े छह इंच कम हो सकती है। तो आज से ही तय करें कि रोजाना सौ ग्राम नट्स अपनी डाइट में जरूर से शामिल करेंगे। यह कैलोरी से भरपूर होने के साथ ही फाइबर युक्त भी होते हैं। भोजन में संतुलित कैलोरीज लें। आपको दिनभर में कम से कम 2000 कैलोरी जरूर ले।

  • पूरी नींद ले

सोने संतुलित खाना और नियमित रूप से एक्सरसाइज से पेट की चर्बी कम होती है, लेकिन ऎसा तभी होता है जब आप अच्छी नींद भी ले। सोने के मामले में लापरवाही से तनाव के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स रिलीज होते हैं और पेट पर चर्बी भी बढ़ती है। रात में 6 से 7 घंटे सोने वाले लोगों में पेट का फैट कम होता है। इससे ज्यादा या कम नींद लेने वाले लोगों को तोंद की समस्या ज्‍यादा होती है।

  • योगासन जरूर करे

कमर और पेट कम करने के लिए आप नियमित रूप से सुबह उठकर योग करें। वैसे भी आप योग से निरोग रह सकते है। लेकिन खासकर आप ऐसे आसनों को करें जिनसे आपके पेट और कमर को कम करने में मदद मिलें। रोजाना सूर्य नमस्कार की सभी क्रियाएं, भुजंगासन, बालासन,पश्चिमोत्तानासन इत्यादि को करें|
  • मोटापे के कारण कई तरह की बीमारियां शरीर को घेर सकती हैं। अधिकांश लोग शुरूआत में मोटापा बढने पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब मोटापा बहुत अधिक बढ़ जाता है तो उसे घटाने के लिए घंटों पसीना बहाते रहते हैं।
  • सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए ये ज्यादा से ज्यादा खाएं। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।
  • चाय में पुदीना डालकर पीने से मोटापा कम होता है।
  • खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक छिड़क कर खाएं। इससे आपको विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन एक साथ मिलेंगे।
  • रोज पपीता खाएं। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर एक्ट्रा फेट्स कम होती है।
  • दही का सेवन करने से शरीर की एक्ट्रा फेट्स घटती है।
  • छोटी पीपल का बारीक चूर्ण कर उसे कपड़े से छान लें। इस चूर्ण को रोजाना तीन ग्राम मात्रा में सुबह के समय छाछ के साथ लें। इससे निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है और कमर पतली हो जाती है।
  • पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।
  • सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।
  • सूखे आंवले व हल्दी को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें, कमर एकदम पतली हो जाएगी।अपने आहार में खूब फल और सब्जियां शामिल करें। सुबह शाम एक कटोरी फल और सब्जियां खाना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। इससे आपका पेट तो भरा ही रहेगा साथ ही आपको खूब एंटीऑक्‍सीडेंट्स, मिनरल और विटामिन मिलेंगे।

Wednesday, March 23, 2016

अपना वजन कैसे कम करे-How to Weight Loss at Home,Natural Weight loss,



पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, तो आपको अपने जीने का अंदाज बदलना होगा। जाहिर सी बात है कि जिस तरीके से अब तक आपका वजन बढ़ता है, उसी ढर्रे पर चलते रहने से तो वजन कम होने से रहा। यानी अगर आप अपना लुक बदलना चाहते हैं, तो आपको अपने आपको बदलना होगा।


अपने दिन की शुरुआत नींबू पानी से करें। पेट पर जमा अतिरिक्‍त चर्बी को कम करने का यह कारगर घरेलू उपाय है। गुनगुने पानी में नींबू का रस और थोड़ा सा नमक मिला लें। रोज सुबह इसका सेवन करने से आपका मेटाबॉलिज्‍म दुरुस्‍त रहता है और साथ ही आपको वजन कम करने में भी मदद मिलती है।


अगर आप चर्बी कम करना चाहते हैं, तो मिठाई से दूर रहें। मीठे पदार्थ जैसे, मिठाई, मीठे पेय पदार्थ और तैलीय खाद्य पदार्थों से दूर रहें। ये खाद्य पदार्थ आपके शरीर पर अति‍रिक्‍त चर्बी जमा करते हैं। यह चर्बी आपके शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों जैसे पेट और जांघों पर जमा हो जाती है।

1-नींबू,How to Weight Loss at Home ,natural weight loss

25 ग्राम नींबू के रस में 25 ग्राम शहद मिलाकर 100 ग्राम गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से मोटापा दूर होता है।एक नींबू का रस प्रतिदिन सुबह गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से मोटापे की बीमारी दूर होती है।।1 नींबू का रस 250 ग्राम पानी में मिलाकर थोड़ा सा नमक मिलाकर सुबह-शाम 1-2 महीने तक पीएं। इससे मोटापा दूर होता है।नींबू का 25 ग्राम रस और करेला का रस 15 ग्राम मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से मोटापा नष्ट होता है।250 ग्राम पानी में 25 ग्राम नींबू का रस और 20 ग्राम शहद मिलाकर 2 से 3 महीने तक सेवन करने से अधिक चर्बी नष्ट होती है।1-1 कप गर्म पीनी प्रतिदिन सुबह-शाम भोजन के बाद पीने से शरीर की चर्बी कम होती है। इसके सेवन से चर्बी कम होने के साथ-साथ गैस, कब्ज, कोलाइटिस (आंतों की सूजन) एमोबाइसिस और कीड़े भी नष्ट होते हैं।

2-सेब और गाजर,

सेब और गाजर को बराबर मात्रा में कद्दूकस करके सुबह खाली पेट 200 ग्राम की मात्रा में खाने से वजन कम होता है और स्फूर्ति व सुन्दरता बढ़ती है। इसका सेवन करने के 2 घंटे बाद तक कुद नहीं खाना चाहिए।

3-मूली

मूली का चूर्ण 3 से 6 ग्राम शहद मिले पानी में मिलाकर सुबह-शाम पीने से मोटापे की बीमारी से छुटकारा मिलता है।मूली के 100-150 ग्राम रस में नींबू का रस मिलाकर दिन में 2 से 3 बार पीने से मोटापा कम होता है।मूली के बीजों का चूर्ण 6 ग्राम और ग्राम यवक्षार के साथ खाकर ऊपर से शहद और नींबू का रस मिला हुआ एक गिलास पानी पीने से शरीर की चर्बी घटती है।6 ग्राम मूली के बीजों के चूर्ण को 20 ग्राम शहद में मिलाकर खाने और लगभग 20 ग्राम शहद का शर्बत बनाकर 40 दिनों तक पीने से मोटापा कम होता है।
मूली के चूर्ण में शहद में मिलाकर सेवन करने से मोटापा दूर होता है।

4-मिश्री

मिश्री, मोटी सौंफ और सुखा धनिया बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच सुबह पानी के साथ लेने से अधिक चर्बी कम होकर मोटापा दूर होता है।

5-चूना

बिना बुझा चूना 15 ग्राम पीसकर 250 ग्राम देशी घी में मिलाकर कपड़े में छानकर सुबह-शाम 6-6 ग्राम की मात्रा में चाटने से मोटापा कम होता है।पेट की चर्बी कम करने के लिए आपको खूब पानी पीना चाहिए। यह बेहद कारगर उपाय है। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहने से आपका मेटाबॉलिज्‍म बढ़ जाता है और आपके शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और आपका शरीर स्‍वस्‍थ रहता है।


सुबह-सुबह कच्‍चा लहसुन खाना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना सुबह लहसुन की दो तीन कलियां चबाना और ऊपर से नींबू पानी पीना आपके लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे वजन कम करने की आपकी प्रक्रिया दोगुनी हो जाएगी। इसके साथ ही आपके शरीर में रक्‍त प्रवाह भी सुचारू हो जाएगा।
भोजन पकाते समय ऐसे मसालों का उपयोग करें जो वजन कम करने में मदद करे।दालचीनी, अदरक और काली मिर्च का उपयोग भोजन पकाते समय जरूर करें। इन मसालों में सेहत के लिए फायदेमंद तत्‍व होते हैं। इससे आपकी इनसुलिन क्षमता बढ़ती है और साथ ही रक्‍त में शर्करा की मात्रा कम होती है।

भुनी हुई हिंग, काला नमक ओर जीरा समान मात्र मे लेकर उनका चूर्ण बना लें। दिन मे दो बार दहि के साथ 2/3 ग्राम की मात्रा मे लें। जीरे से शरीर की शोधन प्रक्रिया बलवान होती है।

Friday, February 19, 2016

स्वस्थ शरीर के उपाय-Tips for Healthy Body in Hindi,

  • 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।
  • असाधारणीय शारीरिक वेग होते हैं । उन्हें रोकना नहीं चाहिए
  • 160 रोग केवल मांसाहार से होते है
  • 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।
  • 80 रोग चाय पीने से होते हैं।
  • 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं
  • शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है
  • अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।
  • ठंडेजल (फ्रिज)और आइसक्रीम से बड़ीआंत सिकुड़ जाती है
  • मैगी, गुटका, शराब,गाय का मांस. सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।
  • भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।
  • बाल रंगने वाले द्रव्यों(हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।
  • दूध(चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।
  • शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।
  • गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।
  • टाई बांधने से आँखों और मस्तिश्क हो हानि पहुँचती है।
  • खड़े होकर जल पीने से घुटनों(जोड़ों) में पीड़ा होती है।
  • खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।
  • भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।
  • जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।
  • मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।
  • पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय(टीबी) होने का डर रहता है।
  • चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।
  • तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।
  • मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।
  • अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।
  • हृदयरोगी के लिए अर्जुनकी छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज औशधियां हैं।
  • भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।
  • अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।
  • जल सदैव ताजा (चापाकल, कुएं आदि का) पीना चाहिये, बोतलबंद (फ्रिज) पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।
  • नीबू गंदे पानी के रोग (यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।
  • चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।
  • फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।
  • भोजन पकने के 48 मिनट के अन्दर खा लेना चाहिए । उसके पश्चात् उसकी पोशकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।। 
  • मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से पोशकता 100% कांसे के बर्तन में 97% पीतल के बर्तन में 93% अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।
  • गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7 दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।
  • मनष्य को मैदे से बनीं वस्तुएं (बिस्कुट, ब्रेड, पीज़ा समोसा आदि) कभी भी नहीं खाना चाहिए।
  • खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेष्ठ होता है उसके बाद काला नमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।
  • जल जाने पर आलू का रस, हल्दी, शहद, घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।
  • सरसों, तिल,मूंगफली या नारियल का तेल ही खाना चाहिए। देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल और वनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।
  • पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।
  • खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।
  • चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है।
  • हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।
  • मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी (कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।
  • कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।
  • बर्तन मिटटी के ही परयोग करन चाहिए।
  • टूथपेस्ट और ब्रश के स्थान पर दातून और मंजन करना चाहिए दाँत मजबूत रहेंगे । (आँखों के रोग में दातून नहीं करना)
  • यदि सम्भव हो तो सूर्यास्त के पश्चात् न तो पढ़े और लिखने का काम तो न ही करें तो अच्छा है ।
  • निरोग रहने के लिए अच्छी नींद और अच्छा(ताजा) भोजन अत्यन्त आवश्यक है।
  • देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है। भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है आँखों के रोग भी होते हैं।
  • प्रातः का भोजन राजकुमार के समान, दोपहर का राजा और देर रात्रि का भिखारी के समान ।
  • खाने में लहसुन का उपयोग जरुर करना चाहिए |
  • दूध में हल्दी डाल कर पिने से बीमारिया पास नहीं आती |
  • जंक फ़ूड से बचे | बहार का खाना जहाँ तक हो सके नहीं खाए |

वजन बढ़ाने के उपाय-Weight Gain Tips in Hindi

वजन बढ़ाने के उपाय-Weight Gain Tips in Hindi

दुबलापन रोग होने का सबसे प्रमुख कारण मनुष्य के शरीर में स्थित कुछ कीटाणुओं की रासायनिक क्रिया का प्रभाव होना है जिसकी गति थायरायइड ग्रंथि पर निर्भर करती है। यह गले के पास शरीर की गर्मी बढ़ाती है तथा अस्थियों की वृद्धि करने में मदद करती है। 

यह ग्रंथि जिस मनुष्य में जितनी ही अधिक कमजोर और छोटी होगी, वह मनुष्य उतना ही कमजोर और पतला होता है। ठीक इसके विपरीत जिस मनुष्य में यह ग्रंथि स्वस्थ और मोटी होगी-वह मनुष्य उतना ही सबल और मोटा होगा। 

यदि देखा जाए तो 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का वजन यदि उसके शरीर और उम्र के अनुपात सामान्य से कम है तो वह दुबला व्यक्ति कहलाता है। जो व्यक्ति अधिक दुबला होता है वह किसी भी कार्य को करने में थक जाता है तथा उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। 

ऐसे व्यक्ति को कोई भी रोग जैसे- सांस का रोग, क्षय रोग, हृदय रोग, गुर्दें के रोग, टायफाइड, कैंसर बहुत जल्दी हो जाते हैं। ऐसे व्यक्ति को अगर इस प्रकार के रोग होने के लक्षण दिखे तो जल्दी ही इनका उपचार कर लेना चाहिए नहीं तो उसका रोग आसाध्य हो सकता है और उसे ठीक होने में बहुत दिक्कत आ सकती है। अधिक दुबली स्त्री गर्भवती होने के समय में कुपोषण का शिकार हो सकती है

    दुबलापन होने का कारण

    • पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है।
    • मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से व्यक्ति दुबला हो सकता है।
    • यदि शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति दुबला हो सकता है।
    • चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो जाने के कारण व्यक्ति दुबला हो सकता है।
    • बहुत अधिक या बहुत ही कम व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है।
    • आंतों में टेपवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े हो जाने के कारण भी व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो सकता है।
    • मधुमेह, क्षय, अनिद्रा, जिगर, पुराने दस्त या कब्ज आदि रोग हो जाने के कारण व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो जाता है।
    • शरीर में खून की कमी हो जाने के कारण भी दुबलेपन का रोग हो सकता है।दुबलेपन को ठीक करने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-

    • थायरायड ग्रंथि के लिए पोषक तत्व, आयोडीन युक्त पदार्थों में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इन पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करने से रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
    • ताजी हरी सब्जियों में भी आयोडीन पदार्थ अधिक होता है। इसलिए ताजी हरी सब्जियों का भोजन में अधिक प्रयोग करना चाहिए।
    • अधिक पतले व्यक्ति को मिर्च-मसालेदार सब्जियां तथा भोजन नहीं करना चाहिए।
    • अधिक पतले व्यक्ति को अपने पतलेपन का उपचार करने के लिए 2-3 दिनों तक अधिक मात्रा में फल खाने चाहिए तथा इसके साथ में प्रतिदिन कम से कम 100 ग्राम चोकर खाना चाहिए। इसके फलस्वरूप पतले व्यक्ति को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
    • अधिक पतले व्यक्ति को आटे के चोकर फलों में मिलाकर या फिर फल के रस में घोलकर सेवन करने से कुछ ही दिनों में अधिक लाभ मिलता है।
    • गूदेदार फल जैसे-पपीते में चोकर मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से व्यक्ति को पतलेपन से काफी हद तक छुटकारा मिल जाता है।
    • रोगी को अधिक मात्रा में अपने भोजन में फलों का उपयोग करना चाहिए। इससे व्यक्ति की पाचनशक्ति बढ़ती है और व्यक्ति को भूख अधिक लगती है। जिसके फलस्वरूप उसे पतलेपन से छुटकारा मिल जाता है।
    • व्यक्ति को अपना वजन बढ़ाने के लिए आटा, चावल, मीठा, किशमिश, खजूर, अंजीर तथा मुनक्का का भोजन में अधिक सेवन करना चाहिए।
    • व्यक्ति को अपने पतलेपन को दूर करने के लिए चिकनाई की वनस्पति, श्वेतसार पदार्थ जिनसे वजन बढ़ने लगता है, अधिक मात्रा में सेवन करने चाहिए।
    • व्यक्ति को अपने पतलेपन को दूर करने के लिए प्रतिदिन अंकुरित दाल का भोजन में उपयोग करना चाहिए।
    • व्यक्ति को अपना वजन बढ़ाने के लिए सुबह के समय में उठते ही तथा रात को सोते समय और भोजन के 2 घण्टे के बाद या फिर उससे पहले थोड़ा-थोड़ा अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए।
    • व्यक्ति को सुबह के समय में व्यायाम करना चाहिए और टहलना चाहिए।
    • प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार गर्म दूध का उपयोग करने से वजन बढ़ने लगता है। इस प्रकार से रोगी का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करने से कुछ ही दिनों में रोगी व्यक्ति पतलेपन से पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

    वजन बढ़ाने के प्राकृतिक उपचार 

    • दुबलेपन रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को अपनी पाचनक्रिया में सुधार करना चाहिए। इसके बाद इस रोग का उपचार करना चाहिए।
    • दुबलेपन रोग का उपचार करने के लिए रोगी को कुछ दिनों तक उपवास रखना चाहिए। इसके बाद कुछ दिन तक फल, सलाद, अंकुरित पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
    • दूध, केला, भिगोए हुए खजूर, पका हुआ आम, किशमिश आदि का उपयोग भोजन में अधिक करना चाहिए।
    • रोगी व्यक्ति को भूख से अधिक बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए तथा सदैव पौष्टिक भोजन करना चाहिए।
    • दुबले व्यक्ति को प्रतिदिन 100 ग्राम हरे पत्ते वाली सब्जियों जैसे पत्तागोभी, बथुआ, धनिया, पुदीना मूली के पत्ते तथा पालक का सेवन करना चाहिए।
    • दूब का रस तथा नारियल पानी प्रतिदिन पीना बहुत ही लाभदायक होता है।
    • 100 मिलीलीटर गाजर का रस, 50 मिलीलीटर पालक का रस और 50 मिलीलीटर चुकन्दर के रस को एक साथ मिलाकर प्रतिदिन पीने से रोगी के शरीर में शक्ति आ जाती है जिसके फलस्वरूप रोगी का पतलापन दूर होता जाता है।
    • प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार दुबलेपन को दूर करने के लिए कई प्रकार के आसन हैं जिनको करने से कुछ ही दिनों में दुबलापन दूर हो जाता है ये आसन इस प्रकार हैं- नित्य प्रति पर्याप्त व्यायाम, योगमुद्रासन, सर्वांगासन, हलासन, मत्स्यासन, प्राणायाम तथा कटिस्नान आदि।
    • दुबलेपन को दूर करने के लिए एनिमा लेना भी काफी फायदेमंद होता है।

    Friday, January 22, 2016

    मोटापा कम करने का घरेलू उपाय-Weight loss Tips in Hindi

    मोटापा कम करने का घरेलू उपाय-Weight loss tips in Hindi 

    मेथी दाना -250 ग्राम ,अजवाइन-100 ग्राम काली जीरा-50 ग्राम ।उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैंफायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा

    लाभ 

    इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने में जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब द्वारा निकलजाता है ,फ़ालतू चर्बी गल जाती है ,चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है ,
    और शरीर तेजस्वी और फुर्तीला होजाता है ।

    अन्य लाभ इस प्रकार हैं

    1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाताहै ।
    2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है ।
    3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है ।
    4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और शुद्धता की वृद्धि होती है ।
    5. ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धिहोती है ,कोलेस्ट्रोलकम होता है ,जिस से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता |
    6. हड्डियां मजबूत होती हैं ,कार्य करने की शक्तिबढ़ती हैं ,स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होतीहै थकान नहीं होती है
    7. आँखों का तेज़ बढ़ता है ,बहरापन दूर होता है ,बालों का भी विकास होता है,दांत मजबूत होते हैं
    8. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिकदवाओं के साइड -इफेक्ट्स से मुक्ति मिलतीहै ।
    9. खाना भारी मात्रा में या ज्यादाखाने के बाद भी पच जाता है (इसका मतलब येनहीं है कि आप जानबूझ कर ज्यादा खा ले)
    10. स्त्रियों का शरीर शादी के बादबेडौल नहीं होता ,शेप में रहता है ,,शादी के बाद होने वालीतकलीफें दूर होती हैं
    11. चमड़ी के रंग में निखार आता है ,चमड़ी सूख जाना ,झुर्रियां पड़ना आदि चमड़ी के रोगों से शरीर मुक्त रहता है
    12. शरीर पानी ,हवा ,धूपऔर तापमान द्वारा होने वाले रोगों से मुक्त रहता है
    13. डाइबिटीज़ काबू में रहती है ,चाहें तोइसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं।
    14. कफ से मुक्ति मिलती है ,नपुंसकता दूर होती है,,व्यक्ति का तेज़ इस से बढ़ता है ,जल्दी बुढ़ापा नहीं आता ,। उम्र बढ़ जाती है
    15. कोई भी व्यक्ति ,किसी भी उम्र का हो ,इस चूर्ण का सेवन कर सकता
    है,मात्रा का ध्यान रखें.

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